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जुलै, २०२५ पासूनच्या पोेस्ट दाखवत आहे

JAY BHIM SHAYARI SOMESHWAR SIRSAT

जय भिम  संविधान की लेखनी से,  कायदे का किला गढ़ा।  जात-पात के बंधनों को,  भीम ने ललकारा बड़ा।  सत्य के दीप जलाए,  हर झोपड़ी, हर गाव में,  भीम बना वो सूरज जो,  उगा अंधेरों की छाव में। सोमेश्वर सिरसाट...