सप्रेम जय भिम काळाची आली ती काळी रात जावी सापाला आली ती मग कात जावी भीम विचारांची अशी ही पहाट व्हावी माणसातून माणसाची जात जावी सोमेश्वर सिरसाट...✍️ संविधान की लेखनी से, कायदे का किला गढ़ा। जात-पात के बंधनों को, भीम ने ललकारा बड़ा। सत्य के दीप जलाए, हर झोपड़ी, हर गाव में, भीम बना वो सूरज जो, उगा अंधेरों की छाव में। सोमेश्वर सिरसाट...
गीतकार सोमेश्वर सिरसाट मो. 8087948366/9324540468