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Someshwar sirsat shayari


      Someshwar sirsat
   
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लब्ज को जरा संभालके फरमाना
हुजूर
एक बार अगर जबान से निकले
 तो वापस आते नहीं
और दिल पर जब लगते है
तो मरहम से जाते नहीं

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