Tu hi jindagi MERI. तू ही ज़िंदगी मेरी गीत :- Someshwar Sirsat तुझे ही तो, चाहा है, दिलसे तू ही है, बंदगी मेरी तुझे तो मांगा है रबसे तू ही है आशिकी मेरी तुझ बिन मै जिऊ कैसे तू ही तो है जिंदगी मेरी सही ना जाए ये अब तो ये तड़प बेचैन रातो की मुझे पागल बना देगी तू चाहत हैं मेरे दिल की बस तुझे ही तो चहता हूं तू ही तो है सादगी मेरी सारी खुशियां मिले तुझको तू मलीका है ख्वाबों की चाहे जो भी सजा दोगी ख्वाइश तुमको पाने की जनाजे को अब मेरे कभी ना जरूरत होगी तेरी पागल थी जो ना समझी तेरी इस दिल चाहत को छोड़के ना जावो मुझको अभी तो जाना है तुझको तेरी हर मन की ख्वाइश को कर दूंगी मै अब पूरी