Jay Bhim Shayari in Hindi for Bhim Jayanti. These heart touching shayari are dedicated to Dr. Babasaheb Ambedkar and his inspiring thoughts. 💙💙💙 ना सिंहासन की चाह थी, ना मुकुटों का अभिमान। भीम ने बस चाहा था, सबको मिले सम्मान। धर्म वही जो मानवता दे, उन्होंने यही सिखाया था। अज्ञान के तम को चीर, ज्ञान का दीप जलाया था। सोमेश्वर सिरसाट...✍️ कितने युद्ध किये भीम ने एक बुंद ना गिरी खून की कलम ही हतियार था बस धार थी तलवार की सोमेश्वर सिरसाट...✍️ लंदन के ओ स्कूल मैं भीम ने जब कलम चलाया था। रुपये की हर परछाईं को, भीम ने समझाया था। सिक्कों से बड़ी थी सोच, वो मूल्य का पाठ पढ़ा गए, एक किताब से दुनिया को, आर्थिक दिशा दिखा गए। सोमेश्वर सिरसाट...✍️ ना तलवार, ना सैनिक, ना कोई युद्ध का नारा। सिर्फ़ संविधान था हाथ में, और आँखों में उजियारा। सोमेश्वर सिरसाट...✍️ जन्म से जो नीचे थे, उन्हें ऊँचाई दी थी। गिनती में जो ना थे कल, उन्हें पहचान दी थी...